‘पचास साल पहले छोटे से गैराज में एक बड़े विचार ने जन्म लिया था। एपल की नींव इस सरल सी सोच पर रखी गई थी कि टेक्नोलॉजी व्यक्तिगत होनी चाहिए। इसी सोच ने सब कुछ बदल कर रख दिया। 1 अप्रैल को एपल के 50 साल पूरे हो रहे हैं। पहले कंप्यूटर से लेकर मैक, आईपॉड, आईफोन, आईपैड, वॉच व एयरपॉड्स तक- हमने 5 दशक यह सोचने में बिताए हैं कि और क्या किया जाना संभव है। एक विचार हमेशा मार्गदर्शक रहा… दुनिया को आगे वे ही ले जाते हैं जो अलग सोचने का साहस रखते हैं। प्रगति हमेशा एक व्यक्ति से शुरू होती है- एक आविष्कारक, छात्र या कहानीकार, जो बेहतर रास्ते की कल्पना करता है। पर यह जज्बा सिर्फ हमारा नहीं है। हमारे आविष्कार तो शुरुआत भर हैं, असली अध्याय आपने लिखे हैं। आपने हमारी टेक्नोलॉजी से बिजनेस बनाए, हौसला दिया, बच्चों के पहले कदम सहेजे… यही हमारी यात्रा का असली अर्थ है। हमारा ध्यान बीते हुए कल से ज्यादा आने वाला कल बनाने पर है। इस ऐतिहासिक पड़ाव पर मैं करोड़ों लोगों का आभारी हूं- शानदार टीमें, डेवलपर्स और ग्राहक। आपका भरोसा ही हमें बेहतर करने की ताकत देता है। आपने हमें सिखाया है कि… वे लोग जो इतने पागल होते हैं कि उन्हें लगता है दुनिया बदल सकते हैं, अक्सर वही दुनिया बदलते हैं। तो, यह सलाम उन ‘पागल’ लोगों के नाम- जो समाज में फिट नहीं बैठते, जो बागी हैं, जो मुसीबत खड़ी करते हैं, चीजों को अलग नजरिए से देखते हैं।यह सलाम आपके नाम…।’ -टिम कुक अडोबी के भारतवंशी सीईओ शांतनु नारायण रिटायरमेंट के बाद भी बोर्ड में रहेंगे, उन्होंने चिट्ठी लिखी- 28 साल बाद भी वही जुनून, वही लोग हमारी बड़ी ताकत… ‘आज जब मैं अडोबी के सीईओ कुर्सी को छोड़ने की बात कर रहा हूं, तो यकीन मानिए- यह किसी भी लिहाज से ‘गुडबाय’ नहीं है। यह तो ठहरकर उन 28 वर्षों की यादों को सहेजने और उन पर गौर करने का पल है। मुझे याद है 28 साल पहले जब मैं पहली बार अडोबी से जुड़ा था, तो मुझे किस बात आकर्षित किया था? वह था- शून्य से नया बाजार खड़ा करने का हमारा जुनून, विश्वस्तरीय प्रोडक्ट और इंटरव्यू के दौरान मिले वे कमाल के लोग। आज इतने वर्षों बाद भी वही ‘जुनून’ और वही ‘लोग’ हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं। दुनिया पूछती है कि आगे क्या? मेरा मानना है कि रचनात्मकता का अगला अध्याय अभी इसी वक्त लिखा जा रहा है। इसे गढ़ रहे हैं- एआई और काम करने के बिल्कुल नए तरीके। अडोबी की फितरत कभी भी भविष्य का इंतजार करने की नहीं रही। हमने हमेशा आने वाले कल को वक्त से पहले ‘भांपा’ है, उसे ‘बनाया’ है और उसका ‘नेतृत्व’ किया है। लेकिन मुझे जो चीज सबसे ज्यादा भरोसा देती है, वह हमारी टेक्नोलॉजी नहीं बल्कि ‘आप’ हैं। आपकी सूझबूझ और मुश्किलों में डटे रहने का जज्बा ही इस नए दौर की दिशा तय करेगा। अब मेरी कोशिश यही है कि मैं अडोबी को अगले एक दशक की महानता के लिए तैयार करूं – एक सही लीडर और एक मजबूत टीम के साथ। जाते-जाते मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि हम 2026 के सभी बड़े लक्ष्यों को हासिल करें। अवसर हमारे सामने बहुत बड़े हैं… और मुझे पूरा विश्वास है कि हम मिलकर एक बार फिर इतिहास रचेंगे।’ -शांतनु नारायण
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एपल के टिम कुक, अडोबी के नारायण ने लिखी चिट्ठी: लीडरशिप मंत्र ; भविष्य का इंतजार न करें, उसे गढ़ें और नेतृत्व संभालें
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