होटवार स्थित बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में शराब व जीएसटी घोटाले के आरोपियों की डांस पार्टी का वीडियो वायरल होने के बाद जांच की आंच फिर नए असिस्टेंट जेलर तक पहुंची है। इस बार जेल प्रशासन ने 5 दिन पहले ही असिस्टेंट जेलर के पद पर आसीन हुए दिनेश प्रसाद वर्
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वहीं गुमला मंडल कारा में तैनात लवकुश कुमार की होटवार जेल में असिस्टेंट जेलर के रूप में पोस्टिंग की गई है। इससे संबंधित आदेश जेल आईजी सुदर्शन प्रसाद मंडल ने सोमवार को ही जारी कर दिया है। जिसमें कहा गया है कि होटवार जेल के सहायक जेलर दिनेश प्रसाद वर्मा द्वारा समर्पित स्थानांतरण संबंधी अभ्यावेदन पर विचार करने के बाद कार्यहित में तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक नव पदस्थापित कारा में स्थानांतरित किया जाता है।
सवाल उठता है कि क्या असिस्टेंट जेलर के पद पर 5 दिन पहले ही आए दिनेश प्रसाद वर्मा ने स्वेच्छा से अपना तबादला करा लिया या उन पर भी कोई दबाव था।मालूम हो कि पिछले 5 नवंबर को कैदियों का डांस करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद असिस्टेंट जेलर देवनाथ राम और जमादार विनोद कुमार यादव को सस्पेंड कर दिया गया था। दिनेश वर्मा को असिस्टेंट जेलर बनाया गया था, लेकिन 5 दिन बाद उन्हें भी हटा दिया गया।
बड़ा सवाल : दूसरे असिस्टेंट जेलर ने स्वेच्छा से तबादला कराया या उन पर दबाव था
कैंटीन चलाकर वसूली कर रहा कैदी, पैसा लेकर मोबाइल उपलब्ध कराने का आरोप
होटवार जेल में बंद एनआईए बंदी प्रभु साहू पर अवैध रूप से कैंटीन का संचालन करने का आरोप लगा है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के प्रदेश प्रभारी राजेश सिंह ने गंभीर आरोप लगाते हुए जेल आईजी से लिखित शिकायत की है। पत्र में राजेश सिंह ने कहा है कि कैंटीन से कैदियों को प्याज 150 रुपए प्रति किलो आैर टमाटर 100 रुपए किलो मिलता है। कैदी को एक महीने खाना उपलब्ध कराने के लिए 7000 रुपए लिए जा रहे हैं।
इसके अलावा कैदियों का मानसिक व आर्थिक रूप से शोषण किया जा रहा है। कैदी को कैंटीन से खाना लेने के लिए बंदी प्रभु साहु मजबूर करता है। टेंपो में सामान लोड कर कैंटीन में मंगाया जाता है, जिसमें बंदी प्रभु साहु मोबाइल भी मंगाता है। वही मोबाइल कैदियों को उपलब्ध कराया जाता है, जिसके एवज में वह मोटी रकम वसूल रहा है। इसके अलावा राजेश सिंह ने अन्य कई आरोप भी लगाए हैं।
5 दिनों में दो असिस्टेंट जेलर पर कार्रवाई
बिरसा मुंडा होटवार जेल में 5 दिनों के अंदर दो असिस्टेंट जेलर व एक जमादार के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इससे कुछ दिनों पहले भी दो क्लर्क व दो कक्षपाल समेत सात जेलकर्मियों के खिलाफ जेल प्रशासन ने कार्रवाई की थी। लगातार हो रही कार्रवाई के बाद अब जेल में ड्यूटी करने वाले कर्मी भी परेशान हैं। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक जेलकर्मी ने बताया कि ईमानदारी से ड्यूटी करने वाले सभी कर्मी परेशान हैं। कड़ाई करते हैं तो ट्रांसफर का डर सताने लगता है और छूट देते हैं तो आरोप लगा कर कार्रवाई की जाती है। ऐसे में कैसे ड्यूटी करें, समझ में नहीं आ रहा।
कहीं कड़ी कार्रवाई करना ही तबादले का कारण तो नहीं…
तत्कालीन असिस्टेंट जेलर देवनाथ राम के सस्पेंड होते ही दिनेश वर्मा ने होटवार में योगदान दिया। उन्होंने सबसे पहले वीडियो में दिख रहे कैदी को सेल में बंद किया। वीवीआईपी सुविधा ले रहे अन्य कैदियों को भी सामान्य वार्ड में ट्रांसफर कर दिया। जेल में संचालित होने वाले कैंटीन पर भी नकेल कसना शुरू कर दिया। इससे पूरे जेल परिसर में हड़कंप मच गया। पैसे के बल पर जेल में ऐश करने वाले कैदी परेशान हो गए। क्या इसी कारण दिनेश वर्मा को होटवार जेल से हटाकर धनबाद भेज दिया गया।



