अफीम कांड में कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू बहाल: धमधा में दी नई पोस्टिंग, विभागीय जांच रहेगी जारी;विरोध में संघ ने की थी अनिश्चितकालीन हड़ताल – durg-bhilai News


ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (RAEO) एकता साहू की फाइल फोटो।

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अफीम की खेती के मामले में निलंबित ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (RAEO) एकता साहू को राहत मिल गई है। कृषि विभाग ने मानवीय आधार पर उनका निलंबन वापस लेते हुए उन्हें बहाल कर दिया है। बहाली के साथ ही एकता साहू की नई पदस्थापना धम

.

हालांकि राहत मिलने के बावजूद उनकी मुश्किलें पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं, क्योंकि उनके खिलाफ विभागीय जांच अभी भी जारी रहेगी। दरअसल निलंबन के विरोध में संघ ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गया था।

मामला समोदा गांव का है, जहां भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के खेत में अवैध रूप से अफीम की खेती पकड़ी गई थी। जांच के दौरान लापरवाही पाए जाने पर जिला प्रशासन ने 13 मार्च को एकता साहू को निलंबित कर दिया था।

अधिकारियों ने पाया कि जिस खेत को राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत मक्का फसल का प्रदर्शन प्लॉट बताया गया था, वहां मक्का की जगह धान की फसल लगी हुई थी। इसके अलावा पास के ही खेत में अफीम की फसल उगाई जा रही थी, जिसकी जानकारी संबंधित विभाग को नहीं दी गई थी।

23 मार्च से धरने पर बैठे थे शासकीय कृषि अधिकारी संघ के पदाधिकारी

दो बार बदले अपने बयान

निलंबन के बाद एकता साहू को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसके जवाब में उन्होंने दो बार अलग-अलग तर्क पेश किए। पहले जवाब में उन्होंने कहा कि किसान द्वारा दिए गए दस्तावेजों के आधार पर प्लॉट का चयन किया गया था।

नक्शा उपलब्ध नहीं होने के कारण खसरे की सही पहचान नहीं हो पाई। उन्होंने यह भी बताया कि बिजली के तार और बाड़ लगे होने की वजह से वह दूसरे प्लॉट की जांच नहीं कर सकीं।

वहीं, बहाली आदेश के अनुसार अपने नए जवाब में एकता साहू ने कहा कि अन्य शासकीय कार्यों में व्यस्त रहने के कारण वह मक्का फसल की नियमित निगरानी नहीं कर पाईं। उन्होंने ऑनलाइन पोर्टल की पर्याप्त ट्रेनिंग न मिलने और कृषि मैपर ऐप में सही जानकारी उपलब्ध न होने की बात भी कही।

इसके अलावा उन्होंने यह तर्क भी दिया कि मैदानी अमले को अफीम जैसी फसलों की पहचान के लिए कोई विशेष प्रशिक्षण नहीं दिया गया है।

अधिकारी संघ ने खोल दिया था मोर्चा

एकता साहू के निलंबन के विरोध में छत्तीसगढ़ कृषि स्नातक शासकीय कृषि अधिकारी संघ ने कड़ा विरोध जताया था। संघ का कहना था कि अफीम की खेती फेंसिंग के अंदर की जा रही थी और वहां बाउंसर तैनात थे। ऐसे में किसी भी अधिकारी के लिए बिना अनुमति अंदर जाकर निरीक्षण करना संभव नहीं था।

संघ ने 23 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी, जिससे काम पूरी तरह ठप हो गया था। अधिकारियों के बढ़ते दबाव और मानवीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए विभाग ने अब एकता साहू की बहाली का फैसला लिया है।

जारी रहेगी जांच

बताया जा रहा है कि एकता साहू को नई पदस्थापना मिल गई है, लेकिन उन पर लगे आरोपों की जांच अभी समाप्त नहीं हुई है। इस मामले में कलेक्टर अभिजीत सिंह अलग से निर्णय लेंगे।

जांच में यह भी सामने आया है कि पोर्टल पर किसान की जगह किसी अन्य व्यक्ति की फोटो अपलोड की गई थी। साथ ही, मौके पर कोई सूचना बोर्ड भी नहीं लगाया गया था।

इस मामले में पटवारी अनिता साहू और फसल सर्वेयर शशिकांत साहू को भी पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका है।



Source link