सीवान में हरियाणा की युवती को मंगेतर से धोखा मिलने का मामला सामने आया है। वहीं जब वो न्याय के लिए महिला थाना पहुंची तो उससे थाने के चक्कर लगवाए गए। थाने में उसके साथ गाली-गलौज किया गया। वहीं पुलिसकर्मी ने उसकी मदद करने के बजाय उसे पैसे लेकर सेटलमेंट करने को कहा। यह गंभीर आरोप सीवान महिला थाना प्रभारी सोनी कुमारी और हुसैनगंज थाने में पदस्थापित सब-इंस्पेक्टर चांदनी कुमारी पर लगे हैं। हरियाणा के पानीपत निवासी जय प्रकाश ने 2018 में अपनी बेटी मेनका की शादी सीवान के हुसैनगंज थाना क्षेत्र के हथौड़ा गांव निवासी जितेंद्र कुमार प्रसाद से तय की थी। शादी में 2 लाख रुपए दहेज तय हुआ। रिश्ता तय होने के बाद लड़के वालों ने यह कहकर शादी टाल दी कि जितेंद्र अभी बेरोजगार है और गांव में घर बनवाना है। उन्होंने दहेज के पैसे पहले ही मांग लिए। पीड़िता के परिवार ने लड़के के चाचा तूफानी बिन के खाते में 1.20 लाख रुपए और खुद जितेंद्र के खाते में 67 हजार रुपए भेज दिए। इसके बाद जितेंद्र और मेनका के बीच बातचीत और मिलना-जुलना शुरू हो गया। गर्भवती कर शादी करने से किया इनकार मेनका ने बताया कि जितेंद्र अक्सर पानीपत आता था और हम लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। परिवार की सहमति से शादी तय थी, इसलिए किसी ने विरोध नहीं किया। इस दौरान उसने कई बार मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाए। पिछले साल 23 मई 2023 को जब वह मेरे पास आया, तो मैं गर्भवती हो गई। जब मैंने उसे कोर्ट मैरिज के लिए कहा तो उसने परिवार का बहाना बनाकर मना कर दिया।” विवाद के बाद मेनका ने आत्महत्या का प्रयास किया, जिसमें उनकी जान तो बच गई लेकिन गर्भपात हो गया। धोखा मिलने पर पहुंची महिला थाना हाल ही में मेनका को पता चला कि जितेंद्र की शादी 1 मई को कहीं और तय हो गई है। 28 अप्रैल को तिलक है। जितेंद्र के बुलाने पर वह सीवान पहुंची, लेकिन यहां आकर जितेंद्र ने उससे मिलना बंद कर दिया। धोखे का अहसास होने पर मेनका 28 अप्रैल की शाम 7 बजे मदद के लिए सीवान महिला थाना पहुंची। यहीं से उसकी प्रताड़ना की कहानी शुरू हुई। मेनका का आरोप है कि SHO सोनी कुमारी ने मदद करने के बजाय उसे डांटते हुए कहा, “यह मामला हुसैनगंज थाने का है, मैं कुछ नहीं कर सकती। रात में ही हुसैनगंज जाओ या लड़के के घर जाकर 112 पर कॉल करो।” एक अकेली लड़की की सुरक्षा की परवाह किए बिना उसे रात में भटकने के लिए छोड़ दिया गया। SI ने आवेदन फाड़कर सेटलमेंट करने को कहा पीड़िता किसी तरह लड़के के घर पहुंची और डायल 112 को फोन किया। पुलिस आई तो जरूर, लेकिन तिलक रुकवाने के बजाय लड़के वालों से “बातचीत” कर उसे हुसैनगंज थाने ले गई। वहां सब-इंस्पेक्टर चांदनी कुमारी ने उससे कथित तौर पर बदसलूकी की, उसका लिखा आवेदन फाड़ दिया और खुद एक आवेदन लिखवाकर रख लिया, जिसकी कोई रिसीविंग नहीं दी। उसे धमकाया गया कि “4-5 लाख रुपए ले लो और वापस चली जाओ।” देर रात करीब 12 बजे उसे बिना किसी महिला पुलिसकर्मी के पुरुष पुलिसकर्मियों के साथ होटल भेज दिया गया। पुलिसकर्मियों ने की गाली-गलौज अगले दिन 29 अप्रैल को, पीड़िता ने DSP से गुहार लगाई। DSP ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत महिला थाना प्रभारी सोनी कुमारी को फोन कर कार्रवाई का निर्देश दिया। लेकिन DSP के आदेश के बावजूद सोनी कुमारी ने मामला सुनने से इनकार कर दिया और पीड़िता को फिर से हुसैनगंज जाने को कहा। पीड़िता के सामने ही थाने में मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने उससे गाली-गलौज की, लेकिन SHO ने उन्हें रोकने की जहमत नहीं उठाई। काफी मिन्नतों के बाद 30 अप्रैल को हुसैनगंज थाने में FIR तो दर्ज हुई, लेकिन मामले की जाँच अधिकारी (IO) उसी सब-इंस्पेक्टर चांदनी कुमारी को बना दिया गया, जिस पर प्रताड़ना का आरोप था। दैनिक भास्कर की टीम ने जब इस मामले पर महिला थाना प्रभारी सोनी कुमारी से उनके सरकारी नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। थाने पहुंचने पर भी वह नहीं मिलीं और मीडियाकर्मी को डराने-धमकाने के इरादे से उनकी तस्वीरें खींचीं। वहीं, अनुसंधानकर्ता चांदनी कुमारी ने भी फोन पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया और कहा कि “थाने आकर बात करिए।”
Source link