कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर नकल कराने संबंधी विज्ञापन:  दुनियाभर के छात्रों के अमेरिकी कॉलेजों में एडमिशन हेतु‎ जरूरी टेस्ट में नकल, सोशल मीडिया पर बिक रहे सवाल‎

कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर नकल कराने संबंधी विज्ञापन: दुनियाभर के छात्रों के अमेरिकी कॉलेजों में एडमिशन हेतु‎ जरूरी टेस्ट में नकल, सोशल मीडिया पर बिक रहे सवाल‎




दुनियाभर के छात्रों का सपना होता है कि ‎उन्हें अमेरिका के कॉलेजों में एडमिशन‎ मिले।​ लेकिन अब दाखिले के लिए होने‎ वाले स्टैंडर्ड एडमिशन टेस्ट (एसएटी) में‎ नकल होने के मामले सामने आए हैं।‎ एसएटी साल में सात से आठ बार होता है। ‎अमेरिकी कॉलेज बोर्ड के नेटवर्क में 187‎ देशों की 1700 टेस्टिंग साइट हैं। छात्र इन‎साइट पर जाकर टेस्ट दे सकते हैं। तीन साल पहले कॉलेज बोर्ड ने रिटन टेस्ट‎ की जगह डिजिटल एसएटी शुरू किया था।‎ बोर्ड का कहना था इससे चीटिंग कम होगी,‎क्योंकि‎ टेस्ट में हर छात्र के लिए सवाल‎ अलग होंगे। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। टेस्ट के‎ सवाल इंटरनेट, सोशल मीडिया और चीनी‎ वेबसाइट्स पर पोस्ट किए गए हैं।‎ इससे‎ दुनियाभर के ऐसे बच्चे, जो अमेरिकी‎ कॉलेजों में एडमिशन लेना चाहते हैं, उनके‎ भविष्य के लिए खतरा खड़ा हो गया है।‎‎ नवंबर में एक एसएटी ट्यूटर ने कॉलेज बोर्ड‎ को चीटिंग की जानकारी दी थी। टेस्ट ​के कुछ‎ माह पहले इंटरनेट पर पूरा पेपर आ गया‎।‎
चीन की एक साइट ब्लूबुक डॉट प्लस ‎एसएटी का प्रैक्टिस टेस्ट लेती है। लेकिन‎ उसके कुछ सवाल असल पेपर जैसे लगते‎ हैं। छात्र पैसा देकर इनमें शामिल हो सकते‎ हैं। यहां चौंकाने वाली बात ये है कि कॉलेज‎ बोर्ड के अधिकृत प्लेटफॉर्म का नाम भी‎ ब्लूबुक है। वेब ट्रैफिक साइट सिमिलर वेब ‎के अनुसार नवंबर में ब्लू बुक डॉट प्लस‎पर 8 लाख 75 हजार विजिटर आए।‎ धोखेबाजों ने लॉ स्कूल‎‎‎‎ एडमिशन टेस्ट, ग्रेजुएट रिकॉर्ड एग्जामिनेशन ‎जैसे डिजिटल टेस्ट में भी सेंध लगाई है।‎ ऐसे में एसएटी की सिक्योरिटी पर चिंता बढ़ी ‎है। कॉलेज बोर्ड ने माना है कि एसएटी में‎ चीटिंग से 1% टेस्ट स्कोर प्रभावित होते हैं।‎बोर्ड ने ये भी स्वीकारा कि कुछ देशों में‎ धोखेबाजों ने परीक्षा से जुड़ा कंटेंट शेयर‎ करने के प्रयास किए हैं। कई एसएटी प्रेप‎ वेबसाइट ब्लूबुक की सिक्योरिटी में सेंध‎ लगाने के तरीके बताती हैं। ऑनलाइन‎ विज्ञापनों में छात्रों के कंप्यूटर रिमोट पर‎ लेकर टेस्ट देने की जानकारी रहती है। ‎चीन की सरकार ने देश में एसएटी पर रोक ‎लगा दी है। चीनी छात्र ने टेस्ट में हो रही‎ धांधली का खुलासा किया‎ अगस्त में एलएसएटी टेस्ट लेने वाली लॉ स्कूल‎ एडमिशन काउंसिल ने चीन में टेस्टिंग बंद कर दी।‎ काउंसिल की वाइस प्रेसिडेंट सुसान क्रिंस्की का‎ कहना है कि हम चीन में टेस्ट में गड़बड़ी के‎ प्रयासों‎ से चिंतित हैं। अमेरिका में एक चीनी छात्र ने चीनी‎ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडनोट पर चीटिंग‎ सेवाओं का एड देखने के बाद लॉ कॉलेजों की‎ प्रवेश परीक्षा में धांधली का खुलासा किया था।‎ टेलीग्राम, गूगल डॉक पर भी‎ अपलोडेड हैं टेस्ट पेपर‎ दुबई स्थित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर सवाल बेचे गए हैं। इन्हें डेटा स्टोरेज स्क्रिब्ड‎ पर पोस्ट किया गया है। एक यूरोपीय ट्यूटर ने‎ बताया कि छात्रों ने गूगल डॉक्स पर भी सवाल‎ पोस्ट किए हैं। अमेरिकी कॉलेज बोर्ड के आग्रह‎ पर स्क्रिब्ड से कई टेस्ट हटा लिए गए हैं। लेकिन ‎बोर्ड चीन से सक्रिय साइट ब्लू बुक डॉट प्लस से‎न हीं निपट सका है। लॉ कॉलेजों के डिजिटल टेस्ट में भी गड़बड़ी‎ एसएटी में गड़बड़ी से पहले लॉ कॉलेजों में प्रवेश‎ के लिए डिजिटल एलएसएटी और जीआरई टेस्ट ‎में चीटिंग होती रही है। ये टेस्ट किसी सेंटर पर नहीं‎ बल्कि रिमोट होते थे। ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी‎ और मिनेसोटा यूनिवर्सिटी सहित कई ग्रेजुएट ‎बिजनेस कॉलेजों ने घाना और नाइजीरिया के ‎छात्रों द्वारा जीआरई में चीटिंग के आरोपों के बाद‎ एडमिशन के ऑफर रद्द कर दिए थे।‎



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