फरार डॉक्टर का क्लिनिक सीज: दीपावली के दिन हुई थी नाबालिग की मौत, डॉक्टर पर गलत ट्रीटमेंट का आरोप – मौत के 5 दिन बाद हुआ था पोस्टमार्टम – Nagaur News



दीपावली के दिन पांचोड़ी में एक नाबालिग की निजी चिकित्सालय में हुई मौत और उसके बाद परिजनों द्वारा डॉक्टर पर गलत इंजेक्शन के आरोप मामले में फरार चल रहे डॉक्टर रामलाल खोजा के क्लिनिक को देर रात प्रशासन द्वारा सीज कर दिया गया।

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नागौर जिले के पांचोड़ी कस्बे में दीपावली के दिन एक बच्ची को सर्दी जुकाम होने पर उसे पांचोड़ी कस्बे के एक निजी महादेव क्लिनिक में डॉक्टर रामलाल खोजा को दिखाया गया जहाँ 14 वार्षिय मनीषा का इलाज शुरू किया गया उसे एक ड्रिप और कुछ इंजेक्शन लगाए गए जिसके कुछ ही देर बाद मनीषा की तबियत ज्यादा बिगड़ने लगी और उसे आँखों से दिखाई देना बंद हो गया जिसके बाद डॉक्टर न उसे नागौर रेफर कर दिया जहाँ डॉक्टर ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। त्यौहार के चलते परिजनों ने बच्ची के शव को दफना दिया।

परिजनों ने 23 अक्टूबर को आरोपी डॉक्टर पर गलत ट्रीटमेंट का आरोप लगाते हुए पांचोड़ी थाने में मामला दर्ज करवाया गया। मामला दर्ज होने बाद खींवसर SDM ने बच्ची के शव को बाहर निकलवा कर मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम करवाने के निर्देश दिए जिस पर 25 अक्टूबर को नाबालिग मनीषा मेघवाल के शव को बाहर निकाल कर पोस्टमार्टम करवाया गया था। घटना के बाद से ही आरोपी डॉक्टर फरार है। कल देर शाम खींवसर SDM और खींवसर BCMO पांचोड़ी पहुंचे और आरोपी द्वारा चलाये जा रहे महादेव क्लिनिक पर कार्यवाही करते हुए क्लिनिक को सीज किया गया. इस दौरान पांचोड़ी थानाधिकारी ने बताया की आरोपी डॉ. रामलाल खोजा फरार चल रहा है जिसकी तलाश जारी है। वही मेडिकल बोर्ड द्वारा किये गए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट अभी तक आई नहीं है।

यह था पूरा मामला

नागौर जिले के पांचोड़ी में दीपावली के दिन एक नाबालिग बालिका की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में उपखण्ड अधिकारी के आदेश के बाद बालिका का दफनाया हुआ शव आज वापस निकलवाया जाकर खींवसर जिला अस्पताल लाया गया जहाँ मेडिकल बोर्ड द्वारा शव का पोस्टमार्टम किया गया ।

जानकारी अनुसार 14 वर्षीय बालिका को दीपावली के दिन उल्टी और सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। इस पर दादी उसको पांचोड़ी के महादेव अस्पताल लेकर पहुंची। बताया कि डॉ. रामलाल खोजा ने इंजेक्शन लगाते ही मनीषा को घबराहट, उल्टी और सांस लेने की तकलीफ होने लगी। जिस पर डॉक्टर ने परिजनों को उसे निजी एम्बुलेंस के जरिये नागौर ले जाने का बोल दिया।

परिजनों का आरोप था कि जब वे लोग पांचोड़ी से नागौर मनीषा को लेकर एक निजी अस्पताल में पहुंचे तो चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया और 30-40 मिनट पहले मौत होने कि बात बताई। परिजनों का कहना है कि बालिका कि मौत गलत इंजेक्शन लगाने की वजह से पांचोड़ी में ही हो गई थी लेकिन डॉक्टर को इसकी जानकारी लगते ही हमें नागौर भेज कर खुद फरार हो गया।

20 अक्टूबर को अंतिम संस्कार 25 अक्टूबर को शव बाहर निकाल कर मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम

मनीषा की मौत के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया था लेकिन मामला दर्ज होने के बाद उपखण्ड अधिकारी ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम का आदेश देने आज मृतका के दफ़न शव को बाहर निकालकर खींवसर राजकीय जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया जहाँ बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम किया जाकर शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया ।

इस मामले में पांचोड़ी थानाधिकारी श्याम सुन्दर ने बताया कि CMHO द्वारा गठित टीम क्लिनिक कि जाँच करने मौक़े पर पहुंची थी लेकिन मौक़े पर डॉक्टर नहीं होने कि वजह से जांच पूरी नहीं हो पाई इसी वजह से क्लिनिक को सीज किया गया है।



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