भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी) में शनिवार को तीन आधुनिक मेडिकल सुविधाओं की शुरुआत की गई। इनसे अब एसआईवी तथा हेपेटाइटिस-बी और सी जैसी गंभीर बीमारियों की पहचान विंडो पीरियड में ही संभव होगी, जिससे समय पर उपचार और रोकथाम में मदद
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उद्घाटन स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव और आईसीएमआर महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने किया। उन्होंने गैस त्रासदी में दिवंगत नागरिकों को श्रद्धांजलि दी । इस दौरान इलाज के साथ शोध को समान महत्व देने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में आईसीएमआर की अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. संघमित्रा पति, बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव मौजूद रहे।
बीएमएचआरसी में एनएएटी टेस्टिंग लैब की भी शुरुआत हुई। यह ब्लड सेंटर में आने वाली प्रत्येक रक्त यूनिट की अनिवार्य जांच करेगी। इससे एचआईवी तथा हेपेटाइटिस-बी और सी की शुरुआती अवस्था में ही पहचान संभव होगी। पारंपरिक जांचों की तुलना में यह तकनीक अधिक संवेदनशील है, जिससे संक्रमित रक्त के उपयोग की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी। यह सुविधा थैलेसीमिया, कैंसर और बार-बार रक्त आधान वाले मरीजों के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगी।
पता चलेगी फेफड़े की क्षमता बॉडी प्लेथसमोग्राफी मशीन फेफड़ों की क्षमता, वायुमार्ग अवरोध और गैस वॉल्यूम को मापने वाली उन्नत तकनीक है। गहरी सांस के बाद शेष कुल वायु की माप हो सकेगी। इससे सीओपीडी, अस्थमा और इंटरस्टिशियल लंग डिजीज में सटीक जानकारी मिलेगी। इससे इलाज की बेहतर योजना बनेगी।
एक समय में कई स्तर की जांच- इम्यूनोअसे एनालाइजर (इंटीग्रेटेड बायोकेमेस्ट्री एंड इम्यूनोअसे एनालाइजर) मशीन तेज गति से हार्मोन प्रोफाइल, कैंसर मार्कर्स, संक्रमण संकेतक और बायोकेमिस्ट्री परीक्षणों को एक ही स्थान पर पूरा करेगी। गंभीर मरीजों के इलाज में समय की बचत और बाहरी लैब पर निर्भरता कम होगी।



