लूट की वारदात को अंजाम देने वाले चारों आरोपियों को अदालत में पेश करने के लिए लेकर जाती पुलिस।
करनाल के सेक्टर-16 में सर्राफा व्यापारी से हुई 15 लाख कैश व डेढ़ किलोग्राम सोने के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। लूट की साजिश रचने वाला कोई ओर नहीं बल्कि व्यापारी के पड़ोसी दुकानदार के पास काम करने वाला युवक निकला, इस आरोपी ने अपने सहकर्
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रात साढ़े 9 बजे हुआ था हमला, स्कूटी रोककर किया वार
पुलिस के अनुसार बीती 3 जनवरी की रात करीब साढ़े 9 बजे सर्राफा काम से जुड़े व्यापारी दुकान से निकलकर अपने रिश्तेदार के साथ स्कूटी पर घर की ओर जा रहे थे। पीछे से पहले इशारा कर स्कूटी रुकवाने की कोशिश की गई। स्कूटी नहीं रुकी तो नुकीले हथियार से वार किया गया, जिससे स्कूटी गिर गई। इसके बाद सिर और हाथ पर कई वार किए गए और बैग छीनकर बदमाश फरार हो गए।
आरोपियों से बरामद सोना व लूटी गई नकदी।
दुकान से एक दुकान छोड़कर काम करने वाले कर्मचारियों ने रची साजिश
जांच में सामने आया कि जिस बाजार में पीड़ित की दुकान है, वहां से एक दुकान छोड़कर दूसरे ज्वैलर्स की दुकान पर दो युवक काम करते थे। दोनों रोजमर्रा के काम के कारण पीड़ित को अच्छी तरह जानते थे और उसकी दिनचर्या से भी वाकिफ थे। जल्दी पैसा कमाने के लालच में एक युवक ने पूरी साजिश रची और अपने सहकर्मी को भी इसमें शामिल कर लिया।
करनाल जुंडला गेट का प्रिंस शर्मा निकला मास्टरमाइंड, दिनेश शर्मा बना मुखबिर
पुलिस के मुताबिक करनाल जुंडला गेट के प्रिंस शर्मा ने पूरी योजना बनाई थी। उसी दुकान पर काम करने वाला दिनेश शर्मा वारदात के दिन मुखबिर की भूमिका में था। जैसे ही पीड़ित दुकान से नकदी और सोना लेकर निकला, दिनेश ने फोन के जरिए सूचना दी। इसका सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस के पास है, जिसमें वह स्कूटी पर रेकी करता हुआ दिखाई दे रहा है।
पहचान से बचने के लिए बाहर से बुलाए बदमाश
चूंकि दोनों कर्मचारी पीड़ित को जानते थे, इसलिए पहचान से बचने के लिए बाहर के बदमाशों को बुलाने का फैसला किया गया। इसके लिए प्रिंस शर्मा ने अपने जीजा से संपर्क किया, जो मूल रूप से गांव बड़थल का रहने वाला है और मौजूदा समय में पुर्तगाल में रह रहा है। जीजा का नाम विजय है। उसी ने आगे अंबाला के बदमाशों से संपर्क करवाया।

वारदात का खुलासा करते डीएसपी राजीव कुमार व संबधित थाना के एसएचओ।
वॉट्सऐप पर मिला संपर्क, अंबाला से पहुंचे प्रवीन और प्रतीक
विजय ने वॉट्सऐप के माध्यम से प्रिंस को प्रवीन गुर्जर का नंबर दिया। इसके बाद प्रवीन गुर्जर के जरिए प्रतीक नामक युवक भी इस साजिश में शामिल हुआ। 3 जनवरी को दोपहर के बाद प्रवीन और प्रतीक करनाल पहुंचे और बाजार व रास्तों की रेकी शुरू की। रात को जैसे ही सूचना मिली, तीनों अलर्ट हो गए और आगे खड़े होकर इंतजार करने लगे।
इशारा मिलते ही किया हमला, बैग लेकर फरार
रात के समय जब पीड़ित और उसका रिश्तेदार स्कूटी पर पहुंचे, तो प्रिंस ने अंधेरे में इशारा कर बताया कि यही दोनों लोग हैं। पहले प्रतीक ने हाथ देकर स्कूटी रुकवाने की कोशिश की। स्कूटी नहीं रुकी तो प्रवीन गुर्जर ने नुकीले हथियार से वार किया, जिससे स्कूटी गिर गई। इसके बाद पीड़ित के सिर पर कई वार किए गए और रिश्तेदार के हाथ पर भी चोट लगी। रिश्तेदार मदद लाने के लिए वहां से भाग गया, जबकि प्रतीक बैग लेकर भाग निकला। उसके बाद प्रवीन और प्रिंस भी अलग-अलग दिशा में फरार हो गए।
पहले पकड़े गए प्रिंस और दिनेश, फिर अंबाला से दबोचे गए प्रवीन और प्रतीक
पुलिस ने पहले आरोपियों की पहचान की और 8 जनवरी की दोपहर को करनाल से प्रिंस शर्मा और दिनेश शर्मा को गिरफ्तार किया। इनके पास से एक लाख रुपए की नकदी, करीब 230 ग्राम सोना और 10 ग्राम का सोने का सिक्का बरामद हुआ। पूछताछ में इन्होंने प्रवीन गुर्जर और प्रतीक के नाम बताए। इसके बाद पुलिस ने अंबाला के गांव बोह में दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

लूटी की वारदात के बाद बेहाल व्यक्ति की पत्नी व परिवार।
अंबाला से एक किलो से ज्यादा सोना और बैग बरामद
अंबाला से पकड़े गए प्रवीन और प्रतीक के पास से एक लाख रुपए की नकदी, एक किलो सोने की ईंट, सोने का एक अन्य टुकड़ा और वही बैग बरामद हुआ, जिसमें लूटा गया सामान रखा गया था। कुल मिलाकर करीब 1240 ग्राम सोना बरामद हो चुका है, जो लगभग उतना ही है जितना वारदात में लूटा गया था। पुलिस के मुताबिक अभी करीब 10 लाख रुपए की नकदी की रिकवरी बाकी है।
एनडीपीएस मामले में भी शामिल रहा है प्रतीक
पुलिस जांच में सामने आया है कि प्रतीक पहले भी एनडीपीएस से जुड़े मामले में शामिल रह चुका है। बाकी आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यदि रिमांड के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसे भी जल्द पकड़ा जाएगा।
स्कूटी बरामद, बाइक और एक्टिवा की रिकवरी बाकी
दिनेश शर्मा ने जिस स्कूटी का इस्तेमाल रेकी और सूचना देने के लिए किया था, वह पुलिस ने बरामद कर ली है। वहीं प्रवीन और प्रतीक अंबाला की तरफ से स्पलेंडर बाइक पर आए थे, जिसकी रिकवरी अभी बाकी है। इसके अलावा प्रिंस शर्मा भी घटनास्थल पर एक्टिवा का इस्तेमाल कर रहा था, जिसे भी बरामद किया जाना है। इन सभी वाहनों की रिकवरी के लिए रिमांड मांगा जाएगा।
पांच टीमों ने मिलकर किया खुलासा
डीएसपी राजीव कुमार ने बताया कि पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजराणिया के मार्गदर्शन में पांच टीमों का गठन किया गया था। सीआईए और संबंधित थाना की टीमों ने मिलकर सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और स्थानीय जानकारी के आधार पर पूरे नेटवर्क को ट्रेस किया। इसी के चलते कुछ ही दिनों में चारों आरोपियों को पकड़ लिया गया।
रिमांड में और खुलासों की उम्मीद
पुलिस अब चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लेगी। रिमांड के दौरान बाकी नकदी, बाइक और एक्टिवा की रिकवरी की जाएगी। इसके साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि कहीं इस गिरोह ने पहले भी इस तरह की कोई वारदात तो नहीं की। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।



