देशभर में एयर क्वॉलिटी इंडेक्स के लगातार बढ़ते आंकड़ों के चलते बढ़ते प्रदूषण का खतरा भी बढ़ता चला जा रहा है। दिल्ली में जहां एक्यूआई के बढ़े हुए स्तर का लगातार विरोध हो रहा है। इसी बीच बस्तर में भी साफ हवा अब लोगों को नसीब नहीं हो रही है। मौसम विभाग ने बस
.
इन हालातों में बस्तर भी प्रदूषित शहरों में शामिल होता दिखने लगा है। ठंड के बढ़ने के साथ ही अचानक बढ़ते चले जा रहे एक्यूआई के कारण हवा की गुणवत्ता भी लगातार गिरती चली जा रही है। साल के पहले दिन गुरूवार की शाम 6 बजे जगदलपुर का एक्यूआई मौसम विभाग ने 302 रिकॉर्ड किया है। इन हालातों में अब बस्तर भी प्रदूषित क्षेत्रों में शामिल होता दिखने लगा है।
ये भी जानिए, एक्यूआई का स्तर के मायने क्या
- 0 से 50 : सामान्य
- 51 से 100 : संवेदनशील लोगों को हल्की परेशानी
- 101 से 200 : अस्थमा व हृदय रोगियों को सांस में दिक्कत
- 201 से 300 : अधिकांश लोगों को सांस लेने में परेशानी
- 301 से 400 : लंबे समय तक रहने पर गंभीर बीमारियों का खतरा
- 401 से 500 : स्वस्थ व्यक्ति भी प्रभावित, बीमारों को अत्यधिक खतरा
अस्थमा और हृदयरोगियों, को है सबसे ज्यादा खतरा जानकार बताते हैं कि एक्यूआई में बढ़ोतरी अस्थमा, सांस व हृदयरोग से पीड़ित लोगों के लिए खतरनाक माना जाता है। ऐसे में उन्हें ठंड के दिनों में खासा ध्यान रखना चाहिए। जगदलपुर और दंतेवाड़ा में लगातार बढ़ रहे एक्यूआई के कारण हवा की गुणवत्ता खराब होती चली जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार सर्दियों में हवा की गति कम हो जाती है और तापमान गिरने से पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे सूक्ष्म प्रदूषक कण वातावरण में लंबे समय तक टिके रहते हैं। इससे सांस लेने में दिक्कत बढ़ जाती है। अगले दो से तीन दिनों में ठंडी हवाएं चलने की संभावना है, जिसके कारण प्रदूषण के लगातार बढ़ने का अंदेशा बना हुआ है।



