भिवानी में आयोजित सर्व कर्मचारी संघ के चुनाव के दौरान हंगामा करते हुए कर्मचारी
भिवानी में आयोजित सर्व कर्मचारी संघ के जिला स्तरीय चुनाव के दौरान हंगामा होने का मामला सामने आया है। रोडवेज, पब्लिक हेल्थ, स्वास्थ्य और सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने चुनाव प्रक्रिया का बहिष्कार करते हुए दोबारा चुनाव करवाने की मांग की। कर्मचारियों ने
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कर्मचारियों का कहना है कि चुनाव के दौरान पर्यवेक्षक ने स्वास्थ्य विभाग के डेलीगेटों को वोट डालने से मना कर दिया, जबकि वे पिछले तीन साल से संघ के बैनर तले सक्रिय रूप से कार्यक्रमों में भाग ले रहे थे। इस फैसले का रोडवेज, पब्लिक हेल्थ, स्वास्थ्य और सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने विरोध किया और नारेबाजी शुरू कर दी।
भिवानी में आयोजित सर्व कर्मचारी संघ के चुनाव के दौरान हंगामा करते हुए कर्मचारी
दोबारा चुनाव की मांग
कर्मचारी नेता दीपक तंवर और अनिल फौजी ने बताया कि 7 दिसंबर को हुए पिछले चुनाव में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने वोटिंग की थी, लेकिन इस बार उन्हें जानबूझकर बाहर कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह एक सोची-समझी साजिश है और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई है। कर्मचारियों ने चुनाव का बहिष्कार करते हुए दोबारा निष्पक्ष चुनाव करवाने की मांग की।
पर्यवेक्षक पर पक्षपात के आरोप
कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि पर्यवेक्षक ने अपने चहेतों को पदाधिकारी बनाकर चुनाव की इतिश्री कर दी। इससे कर्मचारियों में भारी रोष है। उन्होंने जिला चुनाव को रद्द कर दोबारा से पारदर्शी तरीके से चुनाव करवाने की मांग की। विरोध जताने वालों में रामकिशन, सोनू, अनिल नागर, रवींद्र, प्रवीण, कर्मवीर, गुलशन, सुन्दर प्रजापत और दशरथ रंगा सहित कई कर्मचारी शामिल रहे।

भिवानी में आयोजित सर्व कर्मचारी संघ के चुनाव के दौरान हंगामा करते हुए कर्मचारी
सुमेर सिंह आर्य बने सर्व कर्मचारी संघ के प्रधान
इधर, अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी फेडरेशन से संबद्ध सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की जिला भिवानी इकाई का 70वां प्रतिनिधि सम्मेलन स्थानीय बड़ चौक स्थित मैकेनिकल-41 कार्यालय में राज्य प्रधान धर्मबीर फौगाट की निगरानी में संपन्न हुआ। इसमें सुमेर सिंह आर्य को प्रधान, धर्मबीर भाटी को सचिव, सुरेंद्र दिनोद को कोषाध्यक्ष, सूरजभान जटासरा को वरिष्ठ उपप्रधान, जोगेंद्र पिलानिया और कुमारी अनिता को उपप्रधान, रमेश कांगड़ा को ऑडिटर और जितेंद्र कौशिक (आईटीआई) को प्रेस सचिव चुना गया।

चुनाव होने के बाद शपथ लेते हुए पदाधिकारी
सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप
राज्य प्रधान धर्मबीर फौगाट ने कहा कि भाजपा सरकार ने अपने घोषणा पत्र में कर्मचारियों से कई वादे किए थे, जिनमें गेस्ट टीचरों, सफाई कर्मचारियों और अन्य कच्चे कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा देने, समान काम-समान वेतन लागू करने और ठेका प्रथा खत्म करने का वादा शामिल था। लेकिन सरकार ने इन वादों को पूरा नहीं किया, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।



