रेलवे ने दिसंबर के पहले सप्ताह मे दो प्रमुख ट्रेन, वैशाली सुपरफास्ट और सहरसा-सुपौल-पुणे सुपरफास्ट, को एक्सप्रेस श्रेणी में बदलने का निर्णय लिया है। सुपौल तक विस्तार के बाद इन ट्रेनों की गति सीमा कम होने के कारण इनका सुपरफास्ट दर्जा समाप्त किया जा रहा
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इस बदलाव के साथ ही दोनों ट्रेनों के नंबर बदल जाएंगे और सुपरफास्ट चार्ज हटने से यात्रियों का किराया भी कम होगा। रेलवे ने गुरुवार को इसकी अधिसूचना जारी की है।
6 दिसंबर से एक्सप्रेस के रूप में चलेगी ट्रेन
वर्तमान में सुपौल-पुणे-सहरसा सुपरफास्ट ट्रेन 12149/12150 नंबर से संचालित हो रही है। 6 दिसंबर से पुणे से सुपौल आने वाली ट्रेन नए नंबर 11401 एक्सप्रेस के रूप में चलेगी। वहीं, 8 दिसंबर से सुपौल से पुणे के लिए यह ट्रेन 11402 नंबर से परिचालित होगी।
एक्सप्रेस का दर्जा मिलने के बाद इस ट्रेन के किराए में कमी की गई है। स्लीपर क्लास का किराया 815 रुपए की जगह 785 रुपए होगा। थर्ड एसी का किराया 2095 रुपए से घटकर 2045 रुपए और सेकेंड एसी का किराया 3005 रुपए से घटकर 2960 रुपए हो जाएगा।
ललित ग्राम-सहरसा-नई दिल्ली के बीच चलने वाली वैशाली सुपरफास्ट (12553/12554) को भी 7 दिसंबर से एक्सप्रेस का दर्जा दिया जाएगा। यह ट्रेन अब 15565/15566 नंबर से चलेगी।
थर्ड एसी का 1540 रुपए किराया
वैशाली एक्सप्रेस के किराए में भी कमी की गई है। स्लीपर क्लास का किराया 605 रुपए की जगह 575 रुपए, थर्ड एसी का किराया 1585 रुपए की जगह 1540 रुपए और सेकेंड एसी का किराया 2255 रुपए की जगह 2205 रुपए होगा। इकोनॉमिक क्लास का किराया 1485 रुपए से घटकर 1440 रुपए हो जाएगा।
यह बदलाव सहरसा-सुपौल-फारबिसगंज रेलखंड पर ट्रेनों की निर्धारित गति सीमा के कारण किया गया है। सहरसा से सुपौल तक 60 किमी/घंटा और सुपौल से सरायगढ़ तक 40-50 किमी/घंटा की गति सीमा लागू है। कम गति के कारण रेलवे अधिकांश सुपरफास्ट ट्रेनों को एक्सप्रेस में परिवर्तित कर रहा है। राज्यरानी के बाद अब वैशाली और सुपौल-पुणे सुपरफास्ट भी एक्सप्रेस बनकर चलेंगी।



