झारखंड में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। अगले एक सप्ताह तक सर्दी का असर लगातार बढ़ने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची के अनुसार 24 नवंबर से 30 नवंबर के बीच राज्य के अधिकांश जिलों में सुबह घना कोहरा और धुंध छाई रहेगी। इसके कारण दृश्यता में कमी र
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सुबह के समय यातायात पर भी असर पड़ सकता है। दिन में आसमान पर हल्के बादल मंडराते रहेंगे, जिससे ठंड के एहसास में और इजाफा होगा। राजधानी रांची में सोमवार को अधिकतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 12.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जबकि चतरा का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के आसपास रहा।
कई जिलों में पारा 10 डिग्री से नीचे
मौसम विभाग ने चेताया है कि आज न्यूनतम तापमान में अचानक 2 से 4 डिग्री तक गिरावट दर्ज हो सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, लोहरदगा, रामगढ़, कोडरमा और आसपास के जिलों में ठंड का असर और तेज महसूस होगा। 26 से 28 नवंबर तक भी सुबह घना कोहरा और धुंध बनी रह सकती है। दोपहर तक हल्की धूप मिलने की संभावना रहेगी।
राज्य के उत्तर-पश्चिमी और मध्य जिलों में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री तक गिरने का अनुमान है। वहीं गोड्डा जिले में अधिकतम तापमान 31 डिग्री तक पहुंच सकता है, जिससे यह राज्य का अपेक्षाकृत गर्म क्षेत्र बना रहेगा। रांची, खूंटी और हजारीबाग में दिन का तापमान 23–25 डिग्री के बीच रहने से मौसम सुहावना लेकिन सर्द बना रहेगा।
हवाई यातायात पर कुहासे का असर
खराब मौसम का असर रांची की हवाई सेवाओं पर भी साफ दिखाई दिया। सोमवार की सुबह बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर घने कुहासे और बेहद कम विजिबिलिटी के कारण चार विमानों को रांची में लैंड करने की बजाय रायपुर, भुवनेश्वर और कोलकाता डायवर्ट करना पड़ा। पुणे से आने वाली इंडिगो की फ्लाइट, जो सुबह 8.25 बजे रांची पहुंचने वाली थी, रायपुर मोड़ दी गई।
दिल्ली-रांची इंडिगो फ्लाइट को भी देर से उड़ान भरनी पड़ी। बेंगलुरु से आने वाली फ्लाइट भुवनेश्वर डायवर्ट हुई और घंटे भर की देरी के बाद रांची पहुंची। 7.40 बजे आने वाली एक अन्य फ्लाइट भी रायपुर में उतरी और बाद में रांची लौटी। इन सभी उड़ानों के विलंब से यात्रियों को एयरपोर्ट पर कई घंटे इंतजार करना पड़ा, जिससे यात्रा कार्यक्रम प्रभावित हुए।