झारखंड में अचानक ठंड ने अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है। हिमालय से आने वाली उत्तरी ठंडी हवाओं के असर से राज्य के कई हिस्सों में तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है।
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मौसम विज्ञान केंद्र रांची ने राज्य के सात जिलों गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा के लिए 15 नवंबर तक शीतलहर की चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने और सुबह-शाम के समय ठंडी हवाओं से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।
गुमला सबसे ठंडा, कई जिलों में पारा 10 डिग्री से नीचे
राज्य में तापमान लगातार नीचे गिर रहा है। पिछले 24 घंटे में कई जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है।
बुधवार को रांची में न्यूनतम तापमान 10.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब तीन डिग्री कम है। गुमला सबसे ठंडा जिला रहा।
यहां पारा 7.2 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। खूंटी में 8.1 डिग्री, लोहरदगा में 9.1 डिग्री, जबकि जमशेदपुर, डाल्टनगंज और चाईबासा में भी तापमान में गिरावट देखी गई है।
गुमला के लोग ठंड से राहत पाने के लिए घरों और गलियों में अलाव जला रहे हैं। नवंबर के दूसरे सप्ताह में ही ऐसी ठंड की उम्मीद किसी ने नहीं की थी।
कोहरे से दिखेगी मुश्किलें, आगे और गिरेगा पारा
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक सुबह के समय कई क्षेत्रों में घना कोहरा छाया रहेगा, जिससे सड़क पर दृश्यता कम हो सकती है।
वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। वहीं, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी हिमालय क्षेत्र में बर्फबारी ज्यादा नहीं हो रही है, लेकिन चार दिनों के भीतर इसमें बढ़ोतरी संभव है।
इसका सीधा असर झारखंड की ठंडी हवाओं पर पड़ेगा। न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री तक की और गिरावट की संभावना है। यानी आने वाले दिनों में पारा 6 से 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
दोपहर में भी ठंडी हवाओं के चलते लोगों के लिए धूप में बैठना मुश्किल हो गया है। सर्दी के बढ़ते असर ने नवंबर में ही दिसंबर जैसी ठिठुरन का एहसास करा दिया है।



