पटना जंक्शन से 6 साल के आर्यन उर्फ देवांश राज को अगवा करने के बाद बेचने और खरीदने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की। अपहरण करने वाले रंजीत प्रसाद उर्फ श्रवण प्रसाद, बेचने वाले मुन्ना बिंद और उससे बच्चे को खरीदने वाले संजी
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वह बच्चा अभी चाइल्ड हेल्पलाइन में है। इस मामले में पुलिस ने इन तीनों के अलावा मुन्ना बिंद के बेटा दशरथ कुमार, मुन्ना की बहन कौशल्या देवी, कौशल्या की बेटी बबीता देवी और कौशल्या के पति विष्णु जमादार के अलावा रंजीत के गिरोह से जुड़ी अनिता गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। यह गिरोह फतुहा और नालंदा का है। कोटा में पति के साथ रहने वाली औरंगाबाद के उपहारा के बघोर के हमीदनगर की रेणु देवी 22 अगस्त को कोटा-पटना एक्सप्रेस से पटना जंक्शन आई थी। उसी ट्रेन में उसके साथ रंजीत उर्फ श्रवण और उसी गिरोह से जुड़ी अनिता देवी भी थी। 23 अगस्त को जब रेणु पटना पहुंची और शौच गई तो उसने बेटे आर्यन को रंजीत की गोद में दे दिया था। इसी बीच वह आर्यन को लेकर भाग गया। मुख्यालय रेल डीएसपी ने बताया कि रंजीत, संजीत और मुन्ना बिंद को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया। दूसरे बच्चे का पता नहीं चल सका है कि वह कहां का रहने वाला है?



