बीजेपी युवा मोर्चा की कार्यकारिणी में केवल 3 महिलाएं: नेता पुत्रों को तरजीह, छात्र राजनीति में बागी रहे नेताओं सहित दागी नेताओं को भी मिली जगह – Jaipur News




प्रदेश युवा मोर्चा की कार्यकारिणी आज घोषित हो गई। 63 सदस्यों की इस कार्यकारिणी में केवल 3 महिला नेताओं को जगह मिलने से पार्टी के नारी शक्ति वंदन अधिनियम के एजेंडे पर सवाल उठ रहे हैं। जहां एक तरफ पार्टी लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की बात कर रही हैं। वहां पार्टी के ही संगठन में महिलाओं को जगह नहीं मिलने पर सवाल खड़ हो रहे हैं। इसके साथ ही नई कार्यकारिणी में नेता पुत्रों को भी तरजीह दी गई हैं। वहीं बीजेपी के छात्र संगठन एबीवीपी के बागी नेताओं को भी कार्यकारिणी में जगह मिली हैं। कार्यकारिणी में सबसे विवादित चेहरा बीके कुशवाह का है। कुशवाह को नई कार्यकारिणी में प्रदेश मंत्री बनाया गया हैं। वे साल 2022 में देशी कट्टा और कारतूस के साथ गिरफ्तार हो चुके हैं। उन्होने दिसंबर 2025 में ही बीजेपी पार्टी जॉइन की थी। कार्यकारिणी मे नेता पुत्रों को तरजीह
युवा मोर्चा की कार्यकारिणी में नेता पुत्रों को भी अहम जिम्मेदारी दी गई हैं। अजमेर के प्रभावशाली बीजेपी नेता भंवर सिंह पलाड़ा के बेटे शिवराज सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। शिवराज की मां सुशील कंवर मसूदा से विधायक रह चुकी हैं। इसी तरह आदित्य सिंघानिया को प्रदेश मंत्री बनाया गया हैं, वे भाजपा नेता और सीकर के पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज सिंघानिया के बेटे हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के मीडिया सलाहकार महेंद्र भारद्वाज के बेटे दिव्यांश भारद्वाज को प्रदेश मंत्री बनाया गया हैं। दिव्यांश टोंक की आवां ग्राम पंचायत से सरपंच भी रह चुके हैं। छात्र राजनीति में बागी रहे नेताओं को अहम पद
नई कार्यकारिणी में युवा मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष शंकर गोरा ने एबीवीपी के बागी रहे नेताओं को भी अहम पद दिए हैं। महामंत्री बनाए गए लोकेन्द्र सिंह रायथलिया ने साल 2022 में बागी होकर निर्दलीय प्रत्याशी निहारिका जोरवाल का समर्थन किया था। इसी तरह से दूसरे महामत्री ऋषिकेश मीणा, उपाध्यक्ष दीनदयाल गुर्जर भी एबीवीपी के बागी रहे हैं। दीनदयाल गुर्जर पर तो 2022 के छात्रसंघ चुनावों में मौजूदा युवा मोर्चा के अध्यक्ष शंकर गोरा से बदसलुकी भी कर दी थी।



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