पानीपत CIA-3 पुलिस ने जीटी रोड स्थित मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड गोल्ड लोन ब्रांच में ग्राहकों के गहने बदलकर धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी और पूर्व ब्रांच मैनेजर राजेसाब महबूब यलगार निवासी कर्नाटक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने कबूल किया है कि उसने बैंककर्मी के साथ मिलकर लॉकर में रखे असली सोने के कड़े को निकालकर उसकी जगह पीतल का कड़ा रख दिया था। इंसार बाजार के सुनार ने खोला नकली कड़े का राज मामले का खुलासा शिमला मौलाना निवासी सुनील की शिकायत पर हुआ। सुनील ने मई 2024 में 19 तोला सोना गिरवी रखकर लोन लिया था। जुलाई 2025 में जब वह लोन चुकता कर अपने गहने वापस लेने पहुंचा, तो उसे कड़े के वजन में कुछ फर्क महसूस हुआ। जब उसने इंसार बाजार में अपने पारिवारिक सुनार से जांच कराई, तो पता चला कि कड़ा पीतल का है, जिस पर सिर्फ सोने की परत (अर्क) चढ़ी हुई थी। कारीगर ने उगला सारा सच सुनार ने जब कड़े की फोटो कारीगरों के ग्रुप में डाली, तो राज खुला कि दीपक भोला नाम के कारीगर के पास यह कड़ा बनने आया था। पूछताछ में दीपक ने बताया कि मणप्पुरम गोल्ड लोन का तत्कालीन मैनेजर राजेश्वर (राजेसाब) और एक अन्य कर्मी उसके पास आए थे। उन्होंने असली कड़ा दिखाकर उसकी हूबहू नकल तैयार करने को कहा था। पानीपत के कारीगरों के मना करने पर आरोपियों ने दिल्ली से यह नकली कड़ा बनवाया था। साजिश- 40% सोना निकालकर बेच दिया सीआईए-3 प्रभारी इंस्पेक्टर विजय ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी राजेसाब महबूब यलगार ने प्रारंभिक पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। 3 दिन के रिमांड पर आरोपी, साथी की तलाश जारी पुलिस ने आरोपी को सिवाह बस अड्डे के पास से गिरफ्तार किया। शनिवार को उसे माननीय न्यायालय में पेश कर 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस फरार साथी आरोपी की गिरफ्तारी, चोरी किए गए सोने की बरामदगी और यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि आरोपियों ने और कितने ग्राहकों के साथ इस तरह की धोखाधड़ी की है।
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