चंडीगढ़ में आज से बदले 5 बड़े नियम: असम की तर्ज पर रेंट एग्रीमेंट, इमिग्रेशन के भ्रामक विज्ञापनों पर सजा, उद्योगों के लिए नियम आसान – Chandigarh News




केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ में पारदर्शिता, सुरक्षा और लोगों की जिंदगी आसान बनाने के लिए पांच बड़े कानून लागू किए हैं। गृह मंत्रालय (MHA) ने पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 की धारा 87 के तहत बुधवार को इसकी अधिसूचना जारी की। जो नए कानून बनाए गए हैं, उससे आम लोगों को फायदा होगा। वहीं, प्रशासन को भी फायदा होगा। एग्रीमेंट खत्म होने पर मकान खाली नहीं किया तो जुर्माना
पहले 1949 का पुराना कानून लागू था, जिसमें किराया बढ़ाना और किरायेदार को हटाना काफी जटिल प्रक्रिया थी। अब लिखित रेंट एग्रीमेंट अनिवार्य होगा। अगर किरायेदार एग्रीमेंट खत्म होने के बाद भी मकान खाली नहीं करता, तो उसे पेनल्टी रेंट देना होगा। पहले दो महीनों तक दोगुना किराया और उसके बाद चार गुना तक किराया देना पड़ सकता है। साथ ही मकान मालिक को घर में आने से पहले कम से कम 24 घंटे पहले नोटिस देना होगा। इसमें रेंट अपीलेट अथॉरिटी और ट्रिब्यूनल गठित होंगे। इन्हें रेंट से जुड़े विवाद 60 दिन में निपटाने होंगे। तीन बार से अधिक सुनवाई टाल नहीं सकते। इससे प्रॉपर्टी मालिक और किरायेदार के झगड़े जल्दी निपटेंगे। रेंट भी मनमाने तरीके से नहीं बढ़ाया जा सकेगा। भ्रामक विज्ञापन दिया तो दो साल की जेल
चंडीगढ़ में ट्रैवल एजेंटों और धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए पंजाब मानव तस्करी रोकथाम अधिनियम लागू किया गया है। यह कानून विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एजेंटों पर सख्ती करेगा। बिना लाइसेंस काम करने या मानव तस्करी में शामिल पाए जाने पर 3 से 7 साल तक की जेल और 5 लाख रुपए तक जुर्माना हो सकता है। गलत या भ्रामक विज्ञापन देने पर 2 साल तक की जेल और 50 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। फायर नियम तोड़ने पर जेल
फायर सेफ्टी नियम अब हरियाणा अग्नि और आपातकालीन सेवा अधिनियम, 2022 के तहत लागू किए गए हैं। नए नियमों के तहत फायर सेफ्टी व्यवस्था को और मजबूत बनाया गया है। नियम तोड़ने पर 3 महीने तक की जेल और 5 हजार से 10 हजार रुपए तक जुर्माना हो सकता है। अग्निशमन अभियान में बाधा डालने पर 10 हजार रुपए जुर्माना और जेल का प्रावधान है। अब फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट की वैधता 5 साल तक होगी, जबकि पहले हर साल रिन्यू करवाना पड़ता था। स्टाम्प ड्यूटी एक्ट
गांवों के आबादी देह क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पहली बार आधिकारिक प्रॉपर्टी कार्ड मिलेंगे। इससे लोग अपनी संपत्ति के आधार पर बैंक से लोन भी ले सकेंगे। वहीं, प्रॉपर्टी की कम कीमत दिखाकर स्टाम्प ड्यूटी चोरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी और कमी पाए जाने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। नए नियमों से कानूनी अड़चनें कम होंगी, जिससे व्यापार करना आसान होगा। पांच से 15 दिन में मिलेगी मंजूरी
प्रशासन ने व्यापार शुरू करने और उद्योगों को राहत देने के लिए ‘राइट टू बिजनेस’ मॉडल को लागू करने की तैयारी तेज कर दी है। यह मॉडल पंजाब की तर्ज पर लाया गया है। इसके तहत नए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) को सेल्फ-डिक्लेरेशन के आधार पर तुरंत ‘इन-प्रिंसिपल’ मंजूरी मिल सकेगी। साथ ही अलग-अलग विभागों को 5 से 15 दिनों के भीतर जरूरी मंजूरी देना अनिवार्य होगा, ताकि कारोबार शुरू करने में देरी और दफ्तरों के चक्कर कम हों।



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