अमृतसर में मुख्यमंत्री की शुक्राना यात्रा का विरोध: किसानों ने एमएसपी, कर्जमाफी और बढ़ते नशे के मुद्दे पर सरकार को घेरने का किया ऐलान – Amritsar News




अमृतसर में आज मुख्यमंत्री की “शुक्राना यात्रा” को लेकर किसानों और मजदूर संगठनों ने बड़ा विरोध और सवाल उठाने का ऐलान किया है। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब के नेता सरवन सिंह पंधेर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जहा-जहा मुख्यमंत्री भगवंत मान अपनी यात्राओं या रैलियों के लिए जाएंगे, वहा किसान और मजदूर शांतिपूर्ण तरीके से पहुंचकर सरकार से सवाल पूछेंगे। धार्मिक यात्राओं के नाम पर राजनीति का आरोप पंधेर ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल धार्मिक स्थलों और तीर्थ यात्राओं के नाम पर रैलियां करवा रहे हैं और गावों से लोगों को गाड़ियों में भरकर लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह असल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि पंजाब की स्थिति बेहद गंभीर है। किसान कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं और लगातार आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। दूसरी ओर, राज्य का युवा नशे की चपेट में आकर अपना भविष्य बर्बाद कर रहा है। बेरोजगारी भी चरम पर है, लेकिन सरकार इन समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रही। पंधेर ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिजली बोर्ड के निजीकरण, बीज कानून और भारत-अमेरिका समझौते जैसे फैसले पंजाब की खेती और किसानों के लिए खतरा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े उद्योगपतियों और माफियाओं के हितों की रक्षा कर रही है। चुनावी वादों पर असंतोष उन्होंने यह भी कहा कि चुनावों के दौरान जो वादे किए गए थे, जैसे 23 फसलों पर MSP की कानूनी गारंटी, कर्ज माफी और भ्रष्टाचार खत्म करना—वे पूरे नहीं हुए हैं। आज भी राज्य में रेत, केबल, ट्रांसपोर्ट और जमीन माफिया सक्रिय हैं। पंधेर ने बताया कि रईया और जंडियाला गुरु के बीच चहुआन गांव के मैदान में एक बड़ा शांतिपूर्ण किसान-मजदूर एकत्रीकरण किया जाएगा, जिसमें लोग सरकार से अपने सवाल उठाएंगे और अपनी आवाज बुलंद करेंगे।



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