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- Supreme Court Right To Die Case; Harish Rana Coma Update | Euthanasia Permission India
नई दिल्ली9 मिनट पहले
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सुप्रीम कोर्ट ने 31 साल के एक शख्स को इच्छा मृत्यु (पैसिव यूथेनेशिया) की अनुमति दी है। हरीश राणा 13 साल से ज्यादा वक्त से कोमा में हैं। हरीश लाइफ सपोर्ट सिस्टम से ही जीवित हैं।
पैसिव यूथेनेशिया का मतलब होता है कि किसी गंभीर रूप से बीमार मरीज को जिंदा रखने के लिए जो बाहरी लाइफ सपोर्ट या इलाज दिया जा रहा है, उसे रोक दिया जाए या हटा लिया जाए, ताकि मरीज प्राकृतिक रूप से मृत्यु को प्राप्त हो सके।
राणा के ठीक होने की संभावना न के बराबर
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने दिल्ली एम्स को निर्देश दिया कि राणा को पैलियेटिव केयर (palliative care) में भर्ती किया जाए।
पैलियेटिव केयर यानी ऐसे मरीजों को आराम देने वाली चिकित्सा, जिनका इलाज संभव नहीं होता।
हरीश राणा 2013 में एक बिल्डिंग की चौथी मंजिल से गिरने के बाद सिर में गंभीर चोट लगी थी। तब से वे कोमा में हैं। डॉक्टरों के अनुसार उनके ठीक होने की संभावना लगभग न के बराबर है।
सुप्रीम कोर्ट के तीन कमेंट
- हरीश राणा की मेडिकल रिपोर्ट बेहद दुखद है।
- उनके लाइफ सपोर्ट को धीरे-धीरे और एक तय योजना के अनुसार हटाया जाए।
- ऐसा करते समय मरीज की गरिमा (dignity) का पूरा ध्यान रखा जाए।
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