लंबे समय से इंजीनियर के बीच चल रही कार्य विभाजन की कवायद को निगमायुक्त ने अमलीजामा पहना दिया। इसमें 4 विभागों का काम देख रहे उदित गर्ग से दो विभाग छीन लिए गए। वहीं, सिविल शाखा का प्रभार देख रहे आरआर जारोलिया से भी सिविल का काम छीन लिया गया। नगर निगम में लंबे समय से कार्यपालन यंत्रियों के बीच चल रही कार्य विभाजन की प्रक्रिया को निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने फाइनल कर दिया। इसमें स्लॉटर हाउस मामले के दोषी माने जा रहे अधिकारी प्रभारी अधीक्षण यंत्री गर्ग से स्वच्छ भारत मिशन का काम छीन लिया गया। इसके साथ ही इनसे हाउसिंग फॉर आल शाखा का भी प्रभार लें लिया गया। सिविल शाखा का काम देख रहे जारोलिया से भी सिविल शाखा का काम छीन लिया गया है। नये आदेश के तहत अब विधानसभा में पदस्थ कार्यपालन यंत्री अपनी शाखा से संबंधित फाइलें सीधे अपर आयुक्त को भेजेंगे। 4 नगर निवेशक पदस्थ जारोलिया के पास अब सिर्फ यांत्रिकी योजना प्रकोष्ठ और विधुत शाखा का काम रहेगा। इसके अलावा निगमायुक्त ने बिल्डिंग परमिशन शाखा में भी फेरबदल किया है। अब यहां विधानसभा वार चार नगर निवेशक पदस्थ किये गए है और नीरज आनंद लिखार को मुख्य नगर निवेशक का प्रभार सौंपा गया है
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