मुंगेर जिले के असरगंज प्रखंड में मनरेगा योजना में अनियमितता की पुष्टि के बाद जिलाधिकारी निखिल धनराज ने कड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने दो तत्कालीन कार्यक्रम पदाधिकारियों और एक लेखापाल का दो वर्षों तक 10 प्रतिशत मूल मानदेय काटने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, एक कनीय अभियंता और दो पंचायत रोजगार सेवकों का अनुबंध समाप्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई असरगंज प्रखंड की ग्राम पंचायत चोरगांव के चोरगांव मुशहरी पुल से बाटा कोरा पुल तक डांड़ की खुदाई कार्य से संबंधित योजना में अनियमितता की शिकायत पर की गई है। शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी ने एक जांच कमेटी गठित की थी। कार्य में बरती गई थी धांधली जांच रिपोर्ट में योजना में गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि हुई। साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट पाया गया कि कार्य में धांधली बरती गई थी, जिसके बाद जिलाधिकारी ने दोषियों पर सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया। अनियमितता में लिप्त पाए गए अधिकारियों में तत्कालीन कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा दिलीप कुमार और निरंजन कुमार राय, तथा लेखापाल मनरेगा प्रकाश कुमार शामिल हैं। 10 प्रतिशत मूल मानदेय काटा जाएगा इन तीनों का बिहार रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी, ग्रामीण विकास विभाग के नियमों के तहत दो वर्षों तक 10 प्रतिशत मूल मानदेय काटा जाएगा और उनकी दो वार्षिक वेतन वृद्धि पर असंचयी प्रभाव से रोक लगाई जाएगी। इसी क्रम में, कनीय अभियंता मनरेगा कुमार महेश, तत्कालीन पंचायत रोजगार सेवक नवल किशोर और पवन कुमार राणा का तत्काल प्रभाव से अनुबंध समाप्त करने का आदेश जारी किया गया है। इस कार्रवाई से जिले के सभी पदाधिकारियों और कर्मियों में हड़कंप मच गया है।
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मुंगेर मनरेगा घोटाला मामले में DM ने की कार्रवाई: दो अधिकारियों का वेतन कटा, तीन कर्मियों का अनुबंध समाप्त – Munger News
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