मुगलों का शासन नहीं तो होली पर नोटिस क्यों?:  बीजेपी विधायक ने सरकार पर उठाए सवाल, अफसर सिर्फ सीएम को खुश करने में लगे हैं – Madhya Pradesh News

मुगलों का शासन नहीं तो होली पर नोटिस क्यों?: बीजेपी विधायक ने सरकार पर उठाए सवाल, अफसर सिर्फ सीएम को खुश करने में लगे हैं – Madhya Pradesh News




लैंड पुलिंग एक्ट के मुद्दे पर पहले ही अपनी ही सरकार को चेतावनी दे चुके उज्जैन उत्तर के विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा एक बार फिर चर्चाओं में हैं। इस बार उन्होंने पिपली नाका क्षेत्र में प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण को लेकर सीधे सरकार के काम पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सवाल पूछा कि मुगल शासन नहीं है, लोकतांत्रिक सरकार है तो होली के दिन लोगों को बेघर करने के नोटिस क्यों दिए गए? अधिकारी गलत जानकारी देकर मुख्यमंत्री को खुश करने में लगे हैं। विकास जनता के लिए होना चाहिए, विनाश के लिए नहीं। दरअसल सिंहस्थ की तैयारियों के तहत शहर में कई सड़कों का चौड़ीकरण किया जा रहा है। योजना के अनुसार सड़क की चौड़ाई 100 फीट (करीब 30 मीटर) तक करने की तैयारी है। इसका स्थानीय लोग लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। उनकी मांग है कि सड़क की चौड़ाई 80 फीट की जाए ताकि घरों का बड़ा हिस्सा बच सके। लोगों ने अपने घरों के बाहर लिख लिया है कि हमें विकास चाहिए विनाश नहीं। विधायक ने अपनी ही सरकार पर सवाल क्यों उठाए…. 100 फीट चौड़ीकरण का विरोध करते हुए शुक्रवार को सैकड़ों स्थानीय रहवासी विधायक कार्यालय पहुंच गए। यहां से भाजपा के जिला कार्यालय पहुंचे। करीब चार घंटे तक हंगामा चलता रहा। सर्किट हाउस के बंद कमरे में कुछ रहवासियों के साथ विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय अग्रवाल ने कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, यूडीए सीईओ संदीप सोनी से बात की। बातचीत काफी गहमागहमी भरी रही। सूत्र बताते हैं कि विधायक ने आरोप लगाया कि आप लोग मुख्यमंत्री को खुश करने के लिए गलत जानकारी देते हो। फिर हमें बीच में आना पड़ता है। अगर रोड की चौड़ाई कम नहीं हुई तो सड़कों पर भी आना पड़ेगा तो आ जाऊंगा। शाम को मीडिया को दिए बयान में भी विधायक के तेवर ऐसे ही रहे। आज मुगल शासन नहीं है। लोकतांत्रिक सरकार है। लोकप्रिय मुख्यमंत्री है तो ये कौन सा शासन है कि होली के दिन लोगों को बेघर करने के नोटिस दे रहे हैं। बच्चों की परीक्षाएं चल रही है। अफसर डंडे मार रहे हैं। इस मामले को लेकर विधायक से भास्कर ने सीधी बात की, पूरी बातचीत- 1. यह आपके विधानसभा क्षेत्र का मामला है। प्रोजेक्ट की जानकारी आपको पहले से होगी, फिर अब विरोध क्यों? विधायक- यह मेरा विधानसभा क्षेत्र जरूर है, लेकिन दु:ख की बात है कि अफसर प्रोजेक्ट की जानकारी ही नहीं देते। क्या काम हो रहा है, क्या सुधार होगा और कब शुरू होगा-कुछ नहीं बताया जाता।
मुझे लगता है कि मुख्यमंत्री को भी गलत जानकारी दी जा रही है। इस बारे में प्रदेशाध्यक्ष से बात हो चुकी है और मुख्यमंत्री से भी चर्चा करूंगा। 2. भाजपा की सरकार है और आप भाजपा विधायक हैं, फिर भी अधिकारी आपकी नहीं सुन रहे? विधायक- इस पर मैं ज्यादा नहीं कहूंगा। लेकिन अफसरों की गलत नीतियों के कारण कई बार सरकार को कदम पीछे लेने पड़े हैं।
उज्जैन-जावरा एक्सप्रेस-वे में ऊंचाई कम करनी पड़ी और मुआवजा बढ़ाना पड़ा। लैंड पुलिंग का मामला भी उलझ गया। यह स्थिति सही नहीं है। 3. आपने इस्तीफा देने तक की बात कही है। ऐसा क्यों? विधायक- पिपली नाका क्षेत्र के लोग मेरे पास आए। कई महिलाएं रो रही थीं, बुजुर्ग हाथ जोड़कर घर बचाने की गुहार लगा रहे थे। यह देखकर मन बहुत दु:खी हुआ। क्या हम राजनीति में इसलिए आए हैं? यह मेरा पेशा नहीं है।
मैंने प्रदेशाध्यक्ष को बता दिया है कि अगर मैं गलत हूं तो इस्तीफा देने के लिए तैयार हूं। यहां उपचुनाव करा लें, लेकिन जनता के हित में जल्द और सकारात्मक निर्णय होना चाहिए। 4. पिपली नाका में चौड़ीकरण सिंहस्थ को ध्यान में रखकर हो रहा है, फिर विरोध क्यों? 5. क्या अधिकारी निरंकुश हो चुके हैं? विधायक- अफसरों का एक ही लक्ष्य रहता है कि मुख्यमंत्री को खुश रखा जाए। उन्हें विधायकों से ज्यादा मतलब नहीं रहता। अभी तो यही स्थिति दिखाई दे रही है। 6. आपने कहा मुगल शासन जैसा व्यवहार हो रहा है। ऐसा क्यों? विधायक- मैंने यह नहीं कहा कि मुगल शासन चल रहा है। मैंने सिर्फ इतना कहा कि मुगलों के समय ये होता था। आज लोकतंत्र है। हमारे मुख्यमंत्री वीर विक्रमादित्य के पदचिह्नों पर चलने वाले नेता हैं और गरीबों की चिंता करते हैं। फिर होली के दिन लोगों को नोटिस देना और सख्ती क्यों किया गया। ग्राउंड जीरो से समझिए…चौड़ीकरण पर इतना बवाल क्यों होली पर मिला आखिरी नोटिस, बढ़ा आक्रोश पिपली नाका क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण को लेकर रहवासियों में गहरी चिंता और आक्रोश है। निगम के जोन कार्यालय एक के तहत आने वाले इस इलाके में पिपली नाका से भैरवगढ़ जेल चौराहा और पिपलीनाका से ओखलेश्वर श्मशान घाट तक की सड़कों को चौड़ा करने की योजना है। करीब 400 से अधिक परिवारों के घरों के बाहर लाल निशान लगा दिए गए हैं, जिससे लोगों की नींद उड़ गई है। हालात तब और बिगड़ गए जब होली के दिन ही अफसरों ने आखिरी नोटिस थमा दिए। वीडियो में दिखा डर और गुस्सा नोटिस के दौरान एक महिला का वीडियो भी सामने आया, जिसमें वह आक्रोश और भय में चाकू लेने दौड़ पड़ी। आसपास की महिलाओं ने उसे संभाल लिया, लेकिन घटना ने इलाके के लोगों की दहशत को बयां कर दिया। दुकान और घर दोनों पर संकट रहवासियों ने घरों के बाहर होर्डिंग लगा रखे हैं-
‘’हम विकास के खिलाफ नहीं, विनाश के खिलाफ हैं।” रघुवंशी परिवार की ऊषा रघुवंशी बताती हैं कि उनके 40 फीट के घर में से करीब 28 फीट चौड़ीकरण में चला जाएगा। घर के बाहर की छोटी दुकान से ही परिवार का खर्च चलता है। छोटे घर के लोगों को बड़ी चिंता पूजा पांचाल बताती हैं कि घर के सामने उनकी परचून दुकान ही आजीविका का सहारा है। घर टूटा तो मुश्किल से 10 फीट जगह बचेगी।
वहीं 22 फीट का एक कच्चा मकान पूरी तरह टूटने की कगार पर है, जहां 60 साल की बुजुर्ग रहती हैं। वो देख नहीं सकतीं। उन्हें भी घर टूटने की चिंता सता रही है।



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