हनुमानगढ़ में मनरेगा मजदूरों ने नए मोबाइल एप की तकनीकी खामियों के विरोध में गुरुवार को जिला परिषद कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय राजस्थान खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन के बैनर तले मजदूरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिला परिषद सीईओ को ज्ञापन सौंपा। यूनियन के प्रतिनिधि रघुवीर वर्मा ने बताया कि मनरेगा मजदूरों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए शुरू किए गए नए एप में तकनीकी समस्याएं आ रही हैं। इसके कारण प्रदेश के लगभग छह लाख और हनुमानगढ़ जिले के करीब 37 हजार मजदूरों की हाजिरी दर्ज नहीं हो पा रही है। पिछले चार दिनों से मजदूर कार्यस्थलों पर नियमित रूप से पहुंच रहे हैं, लेकिन एप की दिक्कत से उनकी उपस्थिति दर्ज नहीं हो रही, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। वर्मा ने कहा कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो जिले के मजदूरों को करीब 30 करोड़ रुपए से अधिक के मानदेय का नुकसान होने की आशंका है। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि एप में कुछ शर्तों के कारण कई मजदूरों की उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती। उदाहरण के लिए यदि किसी मजदूर की एक आंख का ऑपरेशन हुआ है, तो एप उसे पहचान नहीं पाता, जिससे उसकी हाजिरी दर्ज नहीं हो रही। यूनियन ने इसे गरीब और जरूरतमंद मजदूरों के साथ एक गंभीर समस्या बताया है। मजदूरों ने यह आरोप भी लगाया कि कई स्थानों पर मनरेगा के तहत काम करने वाले मजदूरों को पूरी मजदूरी नहीं मिल रही है। उनका कहना है कि मजदूर पूरे दिन मेहनत करते हैं, लेकिन उन्हें कम भुगतान मिलता है। यूनियन ने मांग की है कि 2, 3 और 4 मार्च की मजदूरों की हाजिरी ऑफलाइन दर्ज कर उन्हें तीन दिन का भुगतान दिया जाए। इसके साथ ही, ग्राम पंचायत डबलीबास मौलवी, गंगागढ़ और श्रीनगर में बंद पड़े मनरेगा कार्यों को फिर से शुरू कराया जाए और जहां कार्य चल रहा है, वहां मजदूरों को पूरा भुगतान सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान कई मनरेगा मजदूर उपस्थित रहे।
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मनरेगा एप की खामियों को लेकर मजदूरों ने किया प्रदर्शन: हाजिरी ऑफलाइन दर्ज कर तीन दिन का भुगतान करने की मांग – Hanumangarh News
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