14 जनवरी को खेजड़ी के बालाजी मंदिर में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
झालावाड़ के मूर्ति चौराहा स्थित खेजड़ी के बालाजी मंदिर में 14 जनवरी 2026 को अखण्ड रामायण पाठ के आठ वर्ष पूरे होंगे। यह पाठ 14 जनवरी 2018 से निरंतर जारी है। इस अवसर पर मंदिर परिसर में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
.
इस मंदिर का नाम परिसर में लगे एक खेजड़ी के वृक्ष के कारण ‘खेजड़ी के बालाजी’ पड़ा। यह रियासतकालीन मंदिर अपनी पाषाणी जालियों, स्तंभों और बड़े चबूतरे के लिए जाना जाता है। इसकी दीवारों पर बनी सवारियों की मूर्तियां इसकी विशेषता हैं। मंदिर में बालाजी की प्रतिमा के साथ उनके गण की भी एक छोटी मूर्ति स्थापित है। रियासतकाल से ही यहां पूजा-अर्चना की नियमित व्यवस्था चली आ रही है।
समय के साथ मंदिर का संचालन देवस्थान विभाग को सौंपा गया। मंदिर की पूजा-अर्चना और साफ-सफाई की व्यवस्था को नियमित बनाए रखने के लिए भक्तों ने खेजड़ी के बालाजी सेवा समिति का गठन किया है। जितेंद्र गौड़ को इस समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।
खेजड़ी के बालाजी मंदिर में 14 जनवरी 2026 को अखण्ड रामायण पाठ के आठ वर्ष पूरे होंगे।
अध्यक्ष जितेंद्र गौड़ ने बताया कि समिति ने मंदिर परिसर में कई सुधार कार्य करवाए हैं। इनमें सुविधायुक्त संत आवास, प्रवचन मंच का निर्माण, पीपल और खेजड़ी के वृक्षारोपण तथा एक चबूतरे का निर्माण शामिल है। इस चबूतरे पर शिव परिवार की स्थापना भी की गई है।
मंदिर परिसर में समय-समय पर संतों के प्रवचन, कथाएं, सुंदरकांड पाठ सहित अनेक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते रहते हैं। प्रतिदिन सैकड़ों भक्त बालाजी और शिव परिवार के दर्शन करने आते हैं। यहां विशाल भंडारों का भी आयोजन होता रहा है, और महिलाएं भी समय-समय पर भजन-कीर्तन करती हैं। यह मंदिर झालावाड़ जिले में भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र है।



