बिना ADC के चल रहे हरियाणा के 6 जिले:  इसमें ऊर्जा मंत्री विज का जिला भी शामिल; 3 महीने से नहीं नियुक्ति, 5 वजहों से जरूरी ये पद – Haryana News

बिना ADC के चल रहे हरियाणा के 6 जिले: इसमें ऊर्जा मंत्री विज का जिला भी शामिल; 3 महीने से नहीं नियुक्ति, 5 वजहों से जरूरी ये पद – Haryana News



हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज।

हरियाणा के छह जिले ऐसे हैं, जो बिना अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) के चल रहे हैं। जबकि प्रदेश में आईएएस अधिकारियों की पर्याप्त संख्या है, इसके बाद भी सरकार ने इन छह जिलों में एडीसी पद पर अफसरों की नियुक्ति नहीं की है। इन जिलों में ऊर्जा मंत्री अनिल विज का अ

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वर्तमान में प्रदेश के कुल 22 जिलों में से 6 जिलों अंबाला, चरखी-दादरी, कैथल, कुरुक्षेत्र, महेंद्रगढ़ (नारनौल) और नूहं जिले में एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (एडीसी) का पद खाली पड़ा हुआ है। यहां बता दें कि भिवानी के एडीसी दीपक बाबू लाल करवा को चरखी-दादरी जिले का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है।

सीनियर HCS अफसर भी बन सकते हैं एडीसी

पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में एडवोकेट और प्रशासनिक मामलों के जानकार हेमंत कुमार ने बताया कि प्रदेश में लागू व्यवस्था के अनुसार जिला एडीसी के पद पर न केवल आईएएस बल्कि सीनियर HCS ऑफिसर भी तैनात किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा के सभी 22 जिला मुख्यालयों में अतिरिक्त उपायुक्त का स्थायी पद स्वीकृत है, जो जिला प्रशासन में उपायुक्त (DC) के बाद दूसरा बड़ा उच्च प्रशासनिक पद होता है।

15 जिलों में मिल सकता है सीनियर एचसीएस को चार्ज

हालांकि कुछ वर्षो पहले जिले का एडीसी के पद पर तैनात अधिकारी इस पद के साथ साथ जिले का सचिव, क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (RTA) एवं जिला ग्रामीण विकास एजेंसी (DRDA) का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) भी होता था, लेकिन अब ऐसी व्यवस्था नहीं है। हालांकि वर्तमान में एडीसी उसके संबंधित जिले का पदेन (पद के कारण) जिला नागरिक संसाधन सूचना अधिकारी (DCRIO) भी होता है।

हेमंत ने बताया कि अक्टूबर, 2020 में प्रदेश सरकार द्वारा जारी एचसीएस कैडर संख्या आदेश, जो आज तक लागू हैं। जिसमें स्पष्ट तौर पर 22 जिलों में से 15 जिलों के एडीसी पदों को एचसीएस कैडर के लिए निर्धारित किया गया था। इस प्रकार वर्तमान में एचसीएस के 2016 बैच तक के अधिकारी जिला एडीसी के पद पर तैनात किए जा सकते हैं।

चार जिलों में सीनियर HCS ही एडीसी

हालांकि आज की तारीख में ही निर्धारित 15 की बजाये केवल चार वरिष्ठ एचसीएस अधिकारियों को अतिरिक्त उपायुक्त के पद पर तैनाती प्रदान की गई है जिनमें, गुरुग्राम में एचसीएस के 2002 बैच के वत्सल वशिष्ठ, 2002 बैच के ही जग निवास झज्जर जिले में, 2004 बैच के अनुराग ढालिया फतेहाबाद और नवीन कुमार आहूजा यमुनानगर जिले में बतौर एडीसी तैनात है।

यहां पढ़िए क्यों जरूरी है एडीसी की नियुक्ति…

DC को सहायता: ADC उपायुक्त (DC) के दैनिक कामकाज में मदद करते हैं, जिससे DC बड़े प्रशासनिक और नीतिगत निर्णयों पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

शिकायतों का निवारण: ADC के पास शिकायतों (जैसे आय प्रमाण पत्र या सर्वे संबंधी दिक्कतें) के सत्यापन और समाधान की विशेष शक्तियाँ होती हैं, जिससे नागरिकों को त्वरित राहत मिलती है।

प्रशासनिक कार्यों का विभाजन: भूमि रिकॉर्ड, राजस्व वसूली, और अन्य नागरिक सेवाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों को ADC संभालते हैं, जिससे जिला प्रशासन सुचारू रूप से चलता है।

प्रशासनिक निरंतरता: जब उपायुक्त जिले में नहीं होते, तो ADC उनकी भूमिका निभाते हैं, जिससे प्रशासनिक कार्य रुकते नहीं हैं।

विशेष शक्तियां: ADC को उपायुक्त के समान ही शक्तियाँ प्राप्त होती हैं, जिससे वे महत्वपूर्ण निर्णय ले सकते हैं और विभिन्न कार्यों को प्रभावी ढंग से पूरा कर सकते हैं।



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