भाजपा नेता उमेश गुदराना का कहना है कि राहुल गांधी देश की जनता को गलत जानकारी दे रहे हैं।
कांग्रेस सांसद एवं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ‘वोट चोरी’ को लेकर की प्रेस कॉन्फ्रेंस में होडल व पलवल के कुछ मकान नंबरों का जिक्र किया। इनमें क्रमशः 66, 101 और 500 से ज्यादा वोट बताए। इन्हीं में से एक है होडल के गांव गुदराना का मकान नंबर-150, जिसमें 6
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इस संबंध में दैनिक भास्कर एप की टीम जब गांव में इस पते पर पहुंची तो पाया कि यहां कुल 5 से 6 कमरे हैं। हालांकि, जिस परिसर में ये कमरे बने हैं वे करीब एक एकड़ में फैले हैं। मौके पर पता चला कि यहां 8-9 जन रहते हैं।
दूसरी तरफ, भाजपा नेता उमेश गुदराना ने एप टीम से बातचीत में दावा किया कि राहुल गांधी गलत जानकारी दे रहे हैं। उनके परिवार में 66 वोट नहीं, बल्कि 150 के करीब वोट हैं। ये उनके कुनबे के वोट हैं। कुनबे के लोग आसपास ही रहते हैं, हालांकि वोट पुराने पते पर ही बने हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके घर के पते पर किसी बाहरी का वोट नहीं है।
जिला परिषद के वाइस चेयरमैन उमेश का गांव में मकान नंबर 150 है। यह करीब एक एकड़ जगह में फैला है।
भाजपा नेता ने ये दावे भी किए…
- भाजपा नेता ने गिनाई 3 पीढ़ियां: जिला परिषद के वाइस चेयरमैन उमेश ने कहा कि उनके दादा 4 भाई थे। जबकि उनके पिता के 9 भाई हैं। बाकी तीनों दादा के भी आगे औलाद हैं। पूरे कुनबे के वोट उनके 150 नंबर मकान के पते पर बने हैं। सभी जानकारी ऑन रिकॉर्ड मौजूद है। आज उनके परिवार में 200 के करीब सदस्य हैं। सभी के मकान आसपास हैं, लेकिन वोट एक ही पते पर हैं।
- दावा- इस पते पर जितने भी वोटर, कोई चाचा-ताया, कोई भाई-भतीजा: उमेश गुदराना ने दावा किया कि करीब 100 साल से भी ज्यादा समय से उनके बुजुर्ग वहां रह रहे हैं। जिन वोटरों की लिस्ट इस घर के पते पर दिखाई है, वे सभी परिवार के ही लोग हैं। कोई ताया-चाचा है, कोई भाई-भतीजा।
- कृष्णपाल गुर्जर के गुट से जुड़े उमेश, 2022 में जिप चुनाव जीता: होडल ब्लॉक के गांव गुदराना के रहने वाले उमेश ने बताया कि वर्तमान में वह जिला परिषद के वाइस चेयरमैन हैं। वह केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के गुट से आते हैं। साल 2022 में उन्होंने अहमद को हराकर जिला परिषद का चुनाव जीता था। उनके परिवार से दिवंगत रमेश गुदराना साल 2004 में गांव के सरपंच बने। इसके बाद वह पलवल शुगर मिल के डायरेक्टर रहे। साल 2014 से ही वह सक्रिय राजनीतिक करते आ रहे हैं।

बीएलओ की सफाई- पुराने समय से एक ही पता चला आ रहा गांव गुदराना में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) थान सिंह एक ही पते पर इतने वोट बनने के सवाल पर कहते हैं- नए वोट में पुराने घर का रेफरेंस नंबर डाला गया है। पुराने समय से ही वोटर लिस्ट में मकान का एक ही नंबर चलता आ रहा है। हमें कभी ऐसी कोई जानकारी नहीं दी गई है कि एक हाउस पर हम 10 से ज्यादा वोट नहीं बना सकते या फिर फिजिकल वेरिफिकेशन करनी होती है। अगर हमें बोला जाता तो हम नया हाउस नंबर जनरेट कर देते।
थान सिंह गांव के सरकारी स्कूल में टीचर हैं। वह कहते हैं- हम वोट बनाते समय सरकारी प्रोसेस को फॉलो करते हैं। सरकार बोलती है घर जाकर वोट बनाओ तो घर जाकर बनाते हैं। अगर वोट बूथ पर बैठकर बनाने के लिए बोला जाता है, तो वहां पर बनाते हैं। स्कूल में भी वह वोट बनाते हैं जहां पर ओरिजिनल कागजात देखे जाते हैं।
कांग्रेस नेता बोले- 10 से ज्यादा वोट एक पते पर तो वेरिफिकेशन जरूरी वहीं, कांग्रेस के जिला अध्यक्ष नेत्रपाल अधाना के अनुसार जिला परिषद पलवल के वाइस चेयरमैन उमेश गुदराना के निवास मकान नंबर पर 66 वोट दर्शाए गए हैं। ऐसे ही होडल शहर में एक घर के पते पर 501 वोट हैं, यह संभव नहीं है। चुनाव आयोग का नियम है कि अगर किसी घर में 10 से ज्यादा वोटर्स हों, तो जाकर फिजिकल वेरिफिकेशन की जानी चाहिए। यहां कोई जांच नहीं हुई है। यह एक सुनियोजित फर्जीवाड़ा है। यह मामला केवल तकनीकी त्रुटि का नहीं, बल्कि चुनाव की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठाने वाला है।



