ये वीडियो सोप थाने के बाहर 10 जनवरी का है। इसमें थाने के बाहर से बजरी से भरा ट्रैक्टर निकल रहा है।
टोंक जिले में एक एएसआई और हेड कॉन्स्टेबल समेत पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। एसपी राजेश कुमार मीना की ओर से जारी इन आदेश के अनुसार ये पुलिसकर्मी सोप और अलीगढ़ थाने के है।
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हालांकि आदेश में विभागीय जांच का हवाला दिया गया है। लेकिन, बताया जा रहा है कि ग्रामीणों ने सोप थाने के बाहर से बजरी से भरे ट्रैक्टर के निकलने का वीडियो बनाया था। इसके बाद इसकी शिकायत एसपी से भी की थी।
वहीं इस मामले में एसपी राजेश मीना का कहना है कि ड्यूटी में लापरवाही बरती गई है। जितनी सख्ती से ड्यूटी करनी चाहिए वो की नहीं, इसलिए सस्पेंड हुए है।
ये वीडियो 10 जनवरी को अल सुबह ग्रामीणों ने बनाया था, जो सोप थाने का है।
अवैध बजरी खनन और बजरी माफियाओं से मिलीभगत का अंदेशा
दरअसल, वीडियो 10 जनवरी का है। सोप थाने के बाहर से सुबह 4 बजकर 50 मिनट पर बजरी से भरे ट्रैक्टर निकल रहे थे। इसका वीडियो कुछ ग्रामीणों ने भी बना दिया था। वीडियो में भी साफ नजर आ रहा है कि थाने के बाहर बैरिकेडिंग की हुई है और बजरी से भरे ट्रैक्टर धड़ल्ले से थाने के बाहर से निकल रहे है। आरोप था कि मिलीभगत कर इन बजरी से भरे ट्रैक्टर को निकाला गया है।
इधर, मामला सामने आने के बाद सोप थाने के एएसआई प्रहलाद नारायण मीणा और कॉन्स्टेबल साबूलाल मीणा को सस्पेंड कर दिया गया है।

अलीगढ़ थाने के तीन पुलिसकर्मी, पहले भी हो चुकी है शिकायत
इस कार्रवाई में अलीगढ़ थाने के तीन पुलिसकर्मी भी शामिल है। इनमें थाने का हेड कॉन्स्टेबल सत्यप्रकाश जाटा, कॉन्स्टेबल राजेंद्र सिंह और ओमप्रकाश यादव को निलंबित किया गया है।
बताया जा रहा है कि इनके ऑडियो सामने आने के बाद कार्रवाई की गई है। गौरतलब है कि इनमें कॉन्स्टेबल ओमप्रकाश यादव कोरोना में एक बार अलीगढ़ और एक बार बनेठा थाने से सस्पेंड हो चुका है।
ओमप्रकाश पर पहले भी बजरी माफियाओं से मिलीभगत के आरोप लगे थे और इसी वजह से सस्पेंड किया गया था। अब तीसरी बार माफियाओं से मिलीभगत के आरोप में निलंबित किया है। गौरतलब है कि नवंबर 2025 में अलीगढ़ थाने के पुलिसकर्मियों का एक ऑडियो सामने आया था। इस ऑडियो में भी अवैध बजरी परिवहन को लेकर बातचीत थी।
इधर, एसपी ने वीडियो और ऑडियो के मामले को लेकर कहा- सीधे तौर इन मामलों में सस्पेंड नहीं किया गया है लेकिन इन वीडियो-ऑडियो से प्रारंभिक तौर पर लग रहा है कि लापरवाही रही है। बजरी संबंधित बात मोबाइल पर करते हुए का ऑडियो है, पुलिसकर्मी को किसी से ऐसी बात ही नहीं करनी चाहिए।
वहीं वीडियो में बजरी से भरे ट्रैक्टर ट्रॉलियां थाने के बाहर से निकली है, उस समय पुलिसकर्मी कहां थे, किसकी लापरवाही रही है। इन सब बिंदुओं की भी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

एसपी राजेश मीणा की ओर से जारी आदेश। हालांकि इनमें विभागीय जांच का हवाला दिया गया है।



